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2023 परीक्षा को लेकर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने यह आदेश जारी किया

बदलाव दोस्तों यदि आप भी बिहार बोर्ड के मैट्रिक का इंटर की बोर्ड परीक्षा 2023 में देने वाले हैं तो आपके लिए कमाल का पोस्ट क्योंकि आपको इस पोस्ट में बताने वाले हैं क्या बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रिक इंटर के परीक्षा में क्या बदलाव हुआ है तो इसके लिए आपको पोस्ट को पूरा अंक तक पढ़ना होगा आपको संपूर्ण जानकारी इस पोस्ट में दिया गया है

 

(1) मैट्रिक इंटर परीक्षा में भारी बदलाव

 

 

 

 

इंटर व मैट्रिक परीक्षा में जूता-मोजा पहन कर परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। परीक्षार्थियों को जूता मोजा की जगह चप्पल पहन ही आना होगा। परीक्षा को लेकर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने यह आदेश जारी किया है। एक फरवरी से इंटर की परीक्षा है, वहीं 17 फरवरी से मैट्रिक की परीक्षा होनी है। इंटर परीक्षा के लिए जिले में 60 एवं मैट्रिक के लिए 55 सेंटर बनाए गए हैं। शिक्षा विभाग के परीक्षा शाखा द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार इंटरमीडिएट की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या 53,155 है। वहीं, मैट्रिक के एग्जाम में 59,356

 

 

 

 

 

परीक्षार्थी शामिल होंगे। दोनों परीक्षा को लेकर बोर्ड ने डीएम के साथ ही वरीय पुलिस अधीक्षक और जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी किया है। कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र निकालने से लेकर केंद्र पर परीक्षार्थियों के प्रवेश को लेकर बोर्ड की ओर से गाइडलाइन जारी की गई है। इसके साथ ही विषय वार ओएमआर शीट लेने का अलग अलग शिड्यूल भी बोर्ड की ओर से जारी कर दिया गया है। बोर्ड ने निर्देश दिया है कि परीक्षा केंद्र पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी यह नजर रखेंगे कि केवल परीक्षार्थियों को ही परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर उनके एडमिट कार्ड को देखकर प्रवेश मिले। किसी भी परिस्थिति में परीक्षार्थियों के अतिरिक्त कोई भी बाहरी व्यक्ति को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश की अनुमति नहीं रहेगी।

 

 

कदाचार पर रोकने को होरिजेंटल रहेंगी उत्तर पुस्तिकाएं

जिला शिक्षा पदाधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि बोर्ड ने निर्देश दिया है कि इंटर- मैट्रिक परीक्षा मैं किसी तरह का कदाचार नहीं हो, इसे लेकर होरिजेंटल रूप में उत्तर पुस्तिकाएं रहेंगी। मुख्य परीक्षा के डाटा युक्त कॉपियों के आवरण पृष्ठ के तीनों भाग में परीक्षार्थी से संबंधित अनेक विवरण पहले से ही छपा होगा। परीक्षार्थियों द्वारा बाएं भाग में मात्र विषय, उत्तर देने का माध्यम, प्रश्न पत्र सेट कोड की उपलब्धता ही अंकित किया जाना है। इसी प्रकार परीक्षार्थी दाहिने भाग में केवल प्रश्न पत्र सेट कोड, प्रश्न पत्र क्रमांक, परीक्षार्थी का पूरा नाम, विषय का नाम तथा परीक्षार्थी का हस्ताक्षर अंकित किया जाएगा।

 

 

प्रिंटेड कॉपी से छेड़-छाड़ तो रिजल्ट पेंडिंग

 

 

 

बोर्ड ने चेतावनी दी है कि कॉपी के बाएं और दाएं भाग के शेष पहले से छपे हुए रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार का कोई छेड़छाड़ नहीं किया जाएगा। अगर कॉपी में पहले से छपे हुए रिकॉर्ड में किसी तरह की छेड़छाड़ की जाती है तो संबंधित परीक्षार्थी की कॉपी को रद्द कर दिया जाएगा और उनका रिजल्ट पेंडिंग हो जाएगा। मैट्रिक परीक्षा में ओएमआर आधारित उत्तर पुत्र एक ही भाग में है। सब्जेक्टिव कॉपियों की भांति ही ऑब्जेक्टिव का ओएमआर आधारित कॉपी परीक्षार्थियों के डाटा युक्त के साथ रहेगा।

एक बेंच पर बैठेंगे अधिकतम दो ही परीक्षार्थी

 

 

 

बोर्ड ने निर्देश दिया है कि परीक्षा में कदाचार मुक्त का पालन किया जाना है। ऐसे में पांच फीट और उससे अधिक वाले बेंच पर केवल दो ही परीक्षार्थी बैठाए जाएंगे। पहली पाली के परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने के 10 मिनट पूर्व तक परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, यानी पहली पाली में 9:20 तक परीक्षा भवन में परीक्षार्थी प्रवेश कर सकेंगे। दूसरी पाली में 1:35 तक प्रवेश कर सकेंगे।

ओएमआर शीट व कॉपी मिलेंगे साथ, जमा होंगे अलग

 

 

 

ओएमआर शीट और कॉपी एक साथ उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन ओएमआर शीट और कॉपियों को शिक्षकों की ओर से पालीवाल अलग समय के अनुसार लिया जाएगा। पहली पाली में 9:30 से 12:45 के लिए ओएमआर शीट 11:00 बजे ले लिया जाएगा। 9:30 से 12:15 बजे तक की परीक्षा के लिए 10:45 में ले लिया जाएगा। 1:45 से 4:30 बजे तक में 3:00 बजे ओएमआर लिया जाएगा।

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